Category Archive: Quotes

Jan 10

Poem – We Grew Up

We Grew Up ​Don’t know who wrote this… But beautiful……. Somewhere between “Crying loudly to seek attention” and “Crying silently to avoid attention”,  we grew up! Somewhere between  “Katti!!” and “Blocked”,  we grew up! Somewhere between  “Believing in happy endings” and “Accepting the reality”,  we grew up! Somewhere between  “stealing eclairs of your sis” and …

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Jul 15

Poem – तुम्हारे साथ आजकल

​ तुम्हारे साथ आजकल तुम्हारे साथ आजकल, यूँ हर जगह रहता हूँ मैं हद से ज्यादा सोचू तुम्हें, बस यहीं सोचता हूँ मैं पता नहीं हमारे दरमियान, यह कौनसा रिश्ता है लगता है के सालों पुराना, अधूरा कोई किस्सा है तुम्हारी तस्वीरों में मुझे, अपना साया दिखता है महसूस करता है जो यह मन, वहीं …

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Jul 13

Poem -हिसाब क्या रखें

​ !! …हिसाब क्या रखें… !! समय की इस अनवरत  बहती धारा में ..  अपने चंद सालों का हिसाब क्या रखें .. !!  जिंदगी ने दिया है जब इतना बेशुमार यहाँ ..  तो फिर जो नहीं मिला उसका  हिसाब क्या रखें .. !!  दोस्तों ने दिया है इतना  प्यार यहाँ ..  तो दुश्मनी की बातों …

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Jun 09

आदमी की औकात

।। आदमी की औकात ।। एक माचिस की तिल्ली, एक घी का लोटा, लकड़ियों के ढेर पे कुछ घण्टे में राख.. बस इतनी-सी है !! आदमी की औकात !! एक बूढ़ा बाप शाम को मर गया , अपनी सारी ज़िन्दगी , परिवार के नाम कर गया। कहीं रोने की सुगबुगाहट  , तो कहीं फुसफुसाहट , …

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Apr 23

Poem – गायब

  सावन की पुरवईया गायब .. पोखर,ताल, तलईया गायब…! कच्चे घर तो पक्के बन गये.. हर घर से आँगनइया गायब…! सोहर, कजरी ,फगुवा भूले.. बिरहा नाच नचईया गायब…! नोट निकलते ए टी म से…. पैसा , आना ,पईया गायब…! दरवाजे पर कार खड़ी हैं.. बैल,, भैंस,,और गईया गायब…! सुबह हुई तो चाय की चुस्की.. चना-चबैना …

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